Header Ads

देश के 14वे राष्ट्रपति - president of india 2017- hindime




Ram Nath Kovind देश के 14 वे राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं. ये पहली बार हुवा है जब भाजपा से जुड़ा कोई वयक्ति bharat ke rashtrapati बना है.ram nath kovind दूसरे दलित हैं जिन्हें भारत का राष्ट्रपति बनाया गया है, कोविंद से पहले के आर नारायण पहले दलित राष्ट्रपति बनाये गए थे. भारत के नए राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के परोंख नाम के गांव के रहने वाले हैं.
Ram Nath Kovind

गरीबी में बीता बचपन

Ram Nath Kovind का जन्म 1 अक्टूबर 1945 को कानपुर के एक छोटे से गांव में हुवा था. ram nath kovind पढ़ने में बहुत अच्छे और तेज़ थे ,रामनाथ ने अपनी स्कूली पढ़ाई रोज़ 8 किलोमीटर पैदल चल के पूरी की है. स्कूली पढ़ाई के बाद कोविंद आगे की पढ़ाई के लिए शहर गए और वहां पढ़ाई के साथ साथ कोर्ट में एस्टेनो की नौकरी भी करते थे,ताकि घर से पैसे मांगने की ज़रूरत न पड़े. हालांकि Ram Nath Kovind जी की पढ़ाई के लिए उनके पिताजी ने अपनी गांव की जमीनों को बेच दिया था,कोविंद जी के पिता किराने की दुकान चलाते थे.

रामनाथ कोविंद ने कानपुर से कानून की पढ़ाई पूरी की और उसके बाद सिविल सर्विस की तैयारी के लिए दिल्ली चले गए. सिविल सर्विस के लिए Ram Nath Kovind जी ने तीन बार एग्जाम दिया और तीसरी बार मे वो पास हुवे.

जान जाते जाते बची थी

रामनाथ कोविंद के जीवन मे एक बहुत बड़ा और दुखद हादसा हुआ था. ram nath kovind अपने नौ भाई बहनों में सबसे छोटे थे इसलिए ये घर के सबसे लाड़ले और दुलारे भी थे. ram nath kovind जब 5 साल के थे तब उनके घर मे आग लग गई थी और इस आग में जल कर उनकी माँ की मौत हो गई थी,इस भयानक दुर्घटना में रामनाथ जी की जान बहुत मुश्किल से बची थी.



2 comments

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (22-07-2017) को "मोह से निर्मोह की ओर" (चर्चा अंक 2674) पर भी होगी।
--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

GST Course said...

I don’t know how should I give you thanks! I am totally stunned by your article. You saved my time. Thanks a million for sharing this article.