जानें ICF और LHB कोच में क्या अंतर है : railway jankari in hindi

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कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश के चित्रकूट के पास Vasco da Gama Express दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी और ट्रेन के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए थे.सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस हादसे में 3 लोगों की मौत हुई थी.

इस हादसे के बाद रेलवे के जानकारों द्वारा कहा जा रहा है कि इंडियन रेल में पुरानी तकनीक से बने ICF कोच के कारण rail accident में डिब्बे एक के ऊपर एक चढ़ जाते हैं जिसके कारण जान माल की ज़यादा हानि होती है अगर इंडियन रेलवे जर्मन तकनीक एलएचबी(LHB) से बने कोच का इस्तेमाल करे तो हादसे के स्केल को कम किया जा सकता है.



दोस्तों आज कल लगभग हर इंसान रेलगाड़ी से सफ़र करने लगा है.लेकिन ट्रेन के बारे में कई ऐसी बातें हैं जो आम आदमी आज भी नहीं जानता है.अगर आप indian railway से यात्रा करते हैं तो आपने देखा होगा कि आज कल ट्रेन के कोच दो तरह के आने लगे है,पहला तो नीले रंग के कोच जिनमें आप और हम आमतौर पर सफर करते है और दूसरा सिल्वर और लाल रंग के जो पिछले कुछ महीनों से नज़र आ रहे हैं. क्या आप जानते हैं की इन दोने अलग अलग रंग के कोचों में क्या फर्क है?

ट्रेन कोच

भारतीय railway में अभी तक ICF (Integral Coach Factory) coach का इस्तेमाल होता आ रहा है जो की नीले रंग का होता है.लेकिन अब भारतीय रेल पुराने icf coach के जगह नए आधुनिक LHB (Linke Hofmann Busch) का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है.

ट्रेन में जो कोच नीले रंग के होते हैं उन्हें ICF (Integral Coach Factory) कोच कहा जाता है. और जो सिल्वर और लाल रंग के होते हैं उन्हें LHB (Linke Hofmann Busch) कोच कहा जाता है.

ICF और LHB कोच में क्या अंतर है?

ICF (Integral Coach Factory) : इंटीग्रल कोच फैक्ट्री तमिलनाडु के चेन्नई में स्थित है. इसकी स्थापना 1952 में की गई थी.फैक्ट्री के स्थापना के बाद इसमें हर तरह के इंटीग्रल कोच बनाए जाते है जिनमें जनरल कोच, एसी कोच, स्लीपर कोच, डेमू कोच और मेमू कोच शामिल हैं.icf coach की अधिकतम गति 110 km/h होती है.

LHB (Linke Hofmann Busch) :दरअसल जिस इंसान ने इस तकनीक की खोज किया था उसके नाम पर इस कोच का नाम लिंक हॉफमेन बुश (एलएचबी) रख दिया गया. LHB की तकनीक को जर्मनी से भारत लाया गया है.भारत में lhb कोच को बनाने की फैक्ट्री कपूरथला में है.

LHB कोच का इस्तेमाल शताब्दी एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस जैसे हाई स्पीड ट्रेन में किया जाता है.lhb coach की अधिकतम speed 160 से 180 km/h तक होती है.



LHB और ICF कोच के बारे में कुछ खास जानकारियां

LHB कोच की एवरेज स्पीड 160 से 200 किमी होती है जबकि ICF कोच की स्पीड 70 से 140 किमी प्रति घंटा तक होती है. इस स्पीड पर ये दोनों कोच सुरक्षित तरीके से दौड़ते हैं.

LHB कोच में (anti-telescopic) एंटी टेलीस्कोपिक सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है जिसके कारण इस ट्रेन के डिब्बे दुर्घटना के वक़्त आसानी से पटरी से नहीं उतर पाते हैं.

ICF कोच में Air Brake & Thread Brake System का इस्तेमाल किया जाता है जिससे तेज़ गति से चलती ट्रेन को अचानक रोकने में थोड़ा ज़्यादा वक़्त लगता हैं.जब की LHB कोच में Disk brake system का इस्तेमाल किया गया है.Disk brake system के इस्तेमाल से तेज़ गति से चलती ट्रेन को जल्दी रोका जा सकता है.

LHB कोच स्टेलनेस स्टील और एल्यूमिनियम से बनाये जाते हैं जबकि ICF कोच को Mild steel से बनाया जाता है.माइल्ड स्टील से बने होने के कारण icf coach में दुर्घटना के दौरान अधिक जान माल की हानि होती है.

LHB कोच का व्हील बेस ICF कोच के मुकाबले कम होता है जो ट्रेन के हाई स्पीड होने पर भी ट्रेन को सुरक्षित रखता हैं.LHB कोच में माइक्रोप्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है जो कोच के कई कामों को कंट्रोल करता है.

LHB Coach sound level 60 Decibel का होता है जिसके वजह से इसमें यात्रा करने वाले यात्रियों को तेज़ आवाज़ नहीं झेलना पड़ता है.जबकि ICF कोच का साउंड लेबल 100 Decibel होता है जिसके कारण यात्रियों को असुविधा होती है.

LHB कोच में दो डिब्बों को अलग तरह से जोड़ा (कपलिंग) जाता है. दो डिब्बों को जोड़ने के लिए जिस तकनीक का इस्तेमाल किया गया है उसका लाभ ये है की दुर्घटना होने पर डिब्बे एक के ऊपर एक नहीं चढ़ते हैं. जब की दुर्घटना में ICF कोच के डिब्बे एक के ऊपर एक चढ़ जाते है.




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