ghadi saraf

नमस्कार दोस्तों मेरे ब्लॉग hindime पर आप का एक बार फिर स्वागत है.दोस्तों वक़्त किसी के लिए रुकता नहीं है.दुनिया भर में लोग वक़्त के हिसाब से अपने काम को पूरा करते हैं.वक़्त और घडी हमारे ज़िन्दगी का सबसे अहम् हिस्सा हैं.

जब घडी का अविष्कार नहीं हुवा था तो लोग सूरज की रौशनी से वक़्त का अंदाज़ा लगाते थे.फिर इंसान ने सूर्य घडी का अविष्कार किया.उसके बाद यात्रिक घडी का अविष्कार हुवा,फिर डिजिटल घडी का अविष्कार हुवा.अब आज कल एक से एक घड़ियाँ बाज़ार में मिलने लगीं हैं.

क्यों घड़ी की सुईयां पश्चिम से पूरब की ओर घूमती हैं?

दोस्तों आप सभी लोग घड़ी रोज देखते हैं,पर शायद ही आप में से किसो को पता हो कि घड़ी एक ही तरफ क्यों घूमती है? आप ने कभी सोचा है की आखिर घड़ी की सुइयाँ पश्चिम से पूरब की ओर ही क्यों घुमती हैं? अगर आप को नहीं पता है तो आज मै आप को इसका कारण बताऊंगा.

वैज्ञानिकों का मानना है कि प्राचीन समय में लोगों ने उत्तरी गोलार्ध में रहते हुए समय का अंदाजा लगाना शुरु किया था इसीलिए यह सारा सिस्टम क्लॉक वाइस बना.यानी घडी की सुई किधर घुमे इसका निर्णय उत्तरी गोलार्ध में रहने वाले लोगो ने किया.

अगर दक्षिणी गोलार्ध मे रहने वाले लोगों ने समय का अंदाजा लगाना शुरू किया होता तो आज शायद पूरा प्रद्रिशिया ही अलग होता.यानी आज घड़ी की सुई पूरब से पश्चिम की तरफ घुमती नज़र आती.

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