रेलगाड़ी में Emergency Brake कब लगाया जाता है

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रेल में Emergency Brake का उपयोग किसी भी Emergency stiuation में चलती रेल को रोकने के लिए किया जाता है.Emergency Brake लगाने के बाद High Speed से दौड़ रही ट्रेन को कम से कम समय और दूरी में रोका जाता है.आम बोल चाल की भाषा में कई बार ये कहा जाता है की एक रेल ड्राईवर रेल गाड़ी को चलाने के लिए सेलरी नहीं लेता है बल्कि सही समय में सही तरीके से ब्रेक लगाने के लिए सेलरी लेता है.

Emergency Brake Kya Hota Hai

किसी भी ट्रेन को रोकने के लिए दुसरे वाहनों की तरह Normally सामान्य ब्रेक का उपयोग किया जाता है.लेकिन कभी कभी रेल ड्राइवर के सामने ऐसी परिस्थिथि पैदा हो जाती है की यूज़ ट्रेन को अचानक रोकना पड़ता है और ऐसे में ट्रेन ड्राईवर ट्रेन को रोकने के लिए Emergency brake का उपयोग करते हैं.Emergency brake का उपयोग उस परिस्तिथि में किया जाता है जब ट्रेन को रोकने का कोई दूसरा विकल्प नहीं होता है जैसे ट्रेन पटरी का टुटा होना या किसी रेल कर्मचारी द्वारा खतरे का सिग्नल दिखाना इत्यादि.

अगर रेल पटरी टूटी हुई हो और ड्राईवर तेज़ गति से चल रहे ट्रेन को रोकने के लिए सामान्य ब्रेक लगाएगा तो ट्रेन जल्दी नहीं रुकेगी और हो सकता है की ट्रेन डिरेल हो जाये जिसमे जान माल की बड़ी हानि हो सकती है.ऐसी परिस्तिथि में ट्रेन ड्राईवर बड़ी दुर्घटना को होने से रोकने के लिए Emergency brake का उपयोग करते हैं.

जब किसी ट्रेन में ड्राईवर ब्रेक लगता है तो ब्रेक पाइप में हवा का प्रेशर कम होने लगता है और फिर पहियों पर लगा ब्रेक पैड पहियों से चिपकना शुरू कर देते हैं और ट्रेन में ब्रेक लगने लगता है.सामान्य अवस्था में ब्रेक धीरे धीरे पहिये को पकड़ता है और ट्रेन की गति धीरे धीरे कम होती है,लेकिन जब ड्राईवर इमरजेंसी ब्रेक लगाता है तो ट्रेन के सारे ब्रेक तेजी से एका एक पकड़ते हैं और ब्रेक बहुत जल्दी और तेज़ी से लगता है.तेज़ गति से चलती ट्रेन में जब इमरजेंसी ब्रेक लगाया जाता है तो ट्रेन में टूट फुट अधिक होने की संभावना होती है और रेल पटरियों के टूटने की भी संभावना होती है इसलिए इमरजेंसी ब्रेक को आपातकाल में लगाया जाता है जब कोई दूसरा विकल्प उपलब्ध नहीं होता है.




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गाड़ी के सामने किसी के आ जाने पर लोकोपायलट ट्रेन क्यों नहीं रोकता

इमरजेंसी ब्रेक लगाने के बाद भी फुल स्पीड से चल रही ट्रेन लगभग 800 से 900 मीटर की दुरी तय करने के बाद ही रूकती है इसलिए पटरी पर जब आचानक कोई जानवर या गाड़ियां आती हैं तो रेल ड्राईवर तत्काल रेलगाड़ी को नहीं रोक सकता है अगर ड्राईवर इमरजेंसी ब्रेक लगा भी दे तो भी टक्कर निश्चित होती है इसलिए ड्राईवर इमरजेंसी ब्रेक का उपयोग नहीं करते हैं और हादसा हो जाता है.रात में इमरजेंसी ब्रेक का उपयोग करना और भी मुश्किल होता है क्यों की रात के समय ड्राईवर अधिक दुरी तक नहीं देख सकते हैं इसलिए पटरी पर पड़ी कोई चीज़ उन्हें बहुत पहले नज़र नहीं आती है और जब नज़र आती है टैब बहुत देर हो चूका होता है.

तो मुझे उम्मीद है की आप समझ गए होंगें की रेलगाड़ी में Emergency Brake कब और क्यों लगाया जाता है.अगर आप के मन में रेलगाड़ी में Emergency Brake कब लगाया जाता है को लेकर कोई सवाल है तो आप कमेन्ट कर के पूछ सकते हैं.नई नई तकनिकी जानकारी,कंप्यूटर की जानकारी और मोबाइल की जानकारी के लिए HINDIME BLOG को बुकमार्क और सब्सक्राइब करना मत भूलियेगा.




1 comment:

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