CCA, CAA, CAB Kya Hai | CAA Or CAB Ka Full Form - Hindi Me

CCA, CAA, CAB Kya Hai | CAA Or CAB Ka Full Form

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CAB Kya Hai | CAB Ka Full Form: CAB को लेकर पुरे देश में हंगामा मचा हुवा है.देश की तमाम विपक्षी पार्टियाँ CAB का विरोध कर रही हैं ऐसे में सवाल उठता है की आखिर ये CAA, CAB Kya Hai और CAB Ka Full Form Kya Hai.तो आज के इस पोस्ट में मै आप को CAA Or CAB Ki Jankari Hindime दूंगा.सी.ए.ए को अच्छी तरह से समझने के लिए इस पोस्ट को ध्यान से पूरा पढियेगा.
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CAB Ka Full Form

सी.ए.ए का फुल फॉर्म Citizen Amendment Bill होता है जिसका हिंदी मतलब है नागरिकता संशोधन विधेयक.भारत सरकार ने इस नागरिकता संशोधन विधेयक को लोकसभ और राज्य सभा में पास करा कर कानून बना दिया है.लेकिन इस नए नागरिकता संशोधन विधेयक कानून का विरोध देश भर में हो रहा है और कई राज्यों में हिंसक प्रदर्शन भी हुवे है.दिल्ली के जामिया में Citizen Amendment Bill का सबसे अधिक विरोध हुवा है.

CAB Kya Hai

भारत में दुसरे देशों से आने वाले नागरिकों को नागरिकता देने के लिए ये नया कानून बनाया गया है.अब CAB (Citizen Amendment Bill) का नाम बदलकर अब CAA (सीएए) यानि कि अब Citizenship Amendment Act कर दिया गया है.कहने का तात्पर्य ये है की CAB और CAA दोनों एक ही हैं और ये दोनों नागरिकता देने से जुड़े कानून हैं.

CAA Kya hai (सीएए क्या है)

नागरिकता से जुड़ा कानून CAB पहले से ही है जिसमे तत्कालीन नरेंद्र मोदी सरकार(2019) ने कुछ संसोधन कर के इसको लागू किया और इसका नाम CAB से बदल कर CAA कर दिया.यहाँ मै आप को एक बात और बता दूँ की सीएए के कई और भी फुल फॉर्म हैं जिसमें Coastal Aquaculture Authority सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है.

इस नए कानून को नागरिकता अधिनियम 1955 में कुछ संशोधन करके बनाया गया है.इस नए नागरिकता कानून के अंतर्गत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक आधार पर सताए गए वहां के अलप्संख्यक हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई प्रवासियों को भारत में नागरिकता प्रदान किया जायेगा.

इस नए कानून के अंतर्गत पकिस्तान,अफगानिस्तान और बांग्लादेश के 6 समुदायों को जिनमे हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों, पारसियों और ईसाइयों को शामिल किया गया है, इन्हें भारत की नागरिकता दी जाएगी.इस नए कानून का लाभ उन्हें मिलेगा जो 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले पकिस्तान,अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत में प्रवेश कर चुके है और उन्हें अपने मूल देशों में “धार्मिक उत्पीड़न या धार्मिक उत्पीड़न का डर” का सामना करना पड़ा हो.इन उत्पीड़ित प्रवासियों के लिए इस नए एक्ट में 11 साल से 5 साक तक के लिए प्राकृतिक आवास की आवश्यकता में ढील प्रदान की गई है.



CAA का विरोध क्यों हो रहा है

इस नए Citizenship Amendment  Act के अंतर्गत पकिस्तान,
अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत में आए हुए अवैध मुस्लिमों को नागरिकता नहीं देने का प्रावधान बनाया गया है और इसीलिए इस कानून का विरोध हो रहा है ऐसा समाचार में बताया जा रहा है,हालाँकि ये भी एक बड़ा कारण है लेकिन ये एकलौता कारण नहीं है जिसके कारण इस नए कानून का विरोध हो रहा है.

असम और पूर्वोतर के राज्यों में इसका विरोध इसलिए हो रहा है की वहां के लोग किसी भी विदेशी को अपने राज्य में रखना नहीं चाहते हैं.असम में NRC लागू होने के बाद लगभग १९ लाख लोग इससे बाहर हो गए लेकिन नए Citizenship Amendment Act के अंतर्गत इनमे से लगभग 12 से 15 लाख लोगों को वापस भारत की नागरिकता मिल जाएगी और इसी बात का विरोध असम के लोग कर रहें हैं.



Citizenship Amendment Act से भारतीये नागरिक को नुकसान है?

इस नए कानून से भारत में रहने वाले किसी भी नागरिक को कोई हानि नहीं पहुचेगी.जो भारत के नागरिक हैं उनके नागरिकता पर इस नए कानून Citizen Amendment Bill से कोई फर्क नहीं पड़ेगा.इस नागरिकता कानून का काम नागरिकता देना है,किसी की नागरिकता लेना नहीं है इसलिए इस नए कानून Citizen Amendment Bill से किसी भी भारतीय को डरने की ज़रूरत नहीं है.

तो मुझे उम्मीद है की आप समझ गए होंगें की CAA, CAB Kya Hai.Citizen Amendment Bill या Citizenship Amendment Act की ये जानकारी आप को कैसी लगी कृपया कमेन्ट कर के ज़रूर बताएं.अगर आप के मन में Citizen Amendment Bill(CAB) या Citizenship Amendment Act(CAA) को लेकर कोई सवाल है तो आप कमेन्ट कर के पूछ सकते हैं या फिर आप के पास NRP, NRC, CAB Or CAA से जुडी कोई नई जानकारी है तो आप कमेन्ट कर के हमारे साथ ज़रूर शेयर करें.

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